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AAP TAK NEWS 'अम्फान' का असर: दो राज्यों में नुकसान की आशंका, आठ राज्यों में होगी भारी बारिश !


         # ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी तबाही की आशंका
        # आठ राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

                                 
                     
                                                                              चक्रवाती तूफान अम्फान सुपर साइक्लोन से बेहद गंभीर तूफान में बदलते हुए बुधवार को दोपहर से शाम के बीच पश्चिम बंगाल के दीघा तट से टकराएगा। इस दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और तेज बारिश होगी। भारी तबाही की आशंका के बीच पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से तीन लाख लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने पश्चिम बंगाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तूफान से कोलकाता, हुगली, हावड़ा, दक्षिणी और उत्तर 24 परगना और मिदनापुर जिलों में भारी नुकसान हो सकता है।

                                                             

                                       
                                                                                      आईएमडी ने चेतावनी दी है कि तूफान के ओडिशा के तट से टकराने की वजह से राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश की आशंका है। छह जिलों तूफान की वजह से भारी तबाही भी हो सकती है। वहीं, देश के दूसरे सबसे छोटे राज्य सिक्किम पर भी चक्रवात का प्रभाव पड़ेगा, यहां कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही राज्य के तराई इलाकों में हल्की बारिश होगी।
                     
                                     
                                       
                                       
                                                                         मौसम विभाग ने बताया है कि असम और मेघालय के कई हिस्सों में 21 मई तक भारी बारिश हो सकती है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत के दो राज्यों केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ तीन दिन तक भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, बिहार में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

आईएमडी ने बताया कि 15 मई को विशाखापट्टनम से 900 किमी दूर दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव और फिर गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र बनना शुरू हुआ। 17 मई को जब यह दीघा से 1200 किमी दूर था, तब यह चक्रवात में तब्दील हो गया और उत्तर-उत्तर पश्चिम की दिशा में 8 किमी/घंटा की गति से बढ़ने लगा।
फिर 18 मई की शाम यह सुपर साइक्लोन में बदल गया।

                                 What is a bomb cyclone?                 

                        मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि सुपर साइक्लोन के कारण केरल में मानसून के आने में देरी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि केरल में अब एक जून के बजाय मानसून पांच जून को आ सकता है। इस तरह देश के बाकी हिस्सों में भी मानसून चार दिनों की देरी से पहुंचेगा। इस बीच, तूफान के चलते ओडिशा, केरल, असम समेत 10 राज्यों में बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत पर सुपर साइक्लोन का असर नहीं होगा। हालांकि, जब यह सागर द्वीप के आसपास जमीन से टकराएगा तो हवाओं की रफ्तार 165 किमी तक रहेगी ।
 मध्यप्रदेश के रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, मंगलवार दोपहर को 200-240 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ यह चरम पर पहुंच गया। 

वहीं, मौसम विभाग ने कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में हुई एनसीएमसी की बैठक में बताया कि तूफान से सबसे भारी तबाही पश्चिम बंगाल और ओडिशा के छह जिलों में होगी।

                                                                     
                                                                 
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