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Aaptak.net:chapraइतिहास सारण जिला का इतिहास

                                                                           

              सारण (Saran) बिहार राज्य का एक जिला है. इसका मुख्यालय छपरा शहर है. छपरा जिले के साथ-साथ सारण प्रमंडल का भी मुख्यालय है. आज हम आपको सारण/छपरा जिला का इतिहास क्या है. जैसे जिले का नाम सारण क्यों पड़ा और सारण जिले का गठन कब हुआ.
नाम सारण क्यों पड़ा?
                                                                              

सारण यानि छपरा जिले का इतिहास बहुत पुराना है. प्राचीन समय में सारण में जंगल बहुत था. इस जंगल हिरण बहुत मिलते थे. हिरण को सारंग नाम से भी जाना जाता है और वन को अरण्य कहा जाता है. सो, उस समय इस जगह को सारंग अरण्य बोला जाता है. जो धीरे-धीरे सारण में बदल गया. सारण का मुख्यालय छपरा काफी प्रसिद्ध रहा है और अक्सर इसे छपरा जिला भी कहा जाता है.
महाजनपद काल में सारण की भूमि कोसल का अंग रहा है. इतिहास के पन्ने पलटने पर ऐन-ए-अकबारी में सारण जिले का जिक्र मिलता है. इसमें बताया गया है कि सारण को छह राज्यों (राजस्व विभाग) में से एक के रूप में रिकॉर्ड किया गया है. 1765 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने चंपारण को सारण से अलग कर दिया. उसके बाद 1908 में सारण को तिरहुत का हिस्सा बना दिया गया . इस समय सारण जिले में तिन अनुमंडल थे, छपरा (Chhapra), सीवान और गोपालगंज. जो बाद में 1972 में स्वतंत्र जिला बने.
#$ सारण जिले का भूगोल 
                                                                            

सारण जिला तीन तरफ से नदियों से घिरा हुआ है. जिले में गंगा,गंडक और घाघरा नदी बहती है. सारण के उत्तर में सीवान और गोपालगंज है, दक्षिण में गंगा- घाघरा नदी बहती है, नदी के पार पटना और भोजपुर जिला है. पूरब में गंडक नदी बहती है, नदी के पार मुजफ्फरपुर और वैशाली जिला है. पश्चिम में सीवान और उत्तरप्रदेश है.
सारण में खेती के लिए उपजाऊ जमीन पर्याप्त मात्रा में है. नदियों के किनारे स्थित जलोढ मिट्टी का मैदान जो अक्सर बाढ का शिकार होता है. इसके अंतर्गत छपरा, दिघवारा, सोनपुर, रिवीलगंज, मांझी, पानापुर, तरैया तथा दरियापुर प्रखंड आते हैं.
सारण जिले के कुल 270245 हेक्टेयर भूमि में से 199300 हेक्टेयर खेती योग्य है. 3789.20 हेक्टेयर स्थायॉ रूप से जल से ढँका है. कृषि योग्य भूमि में से 27% ऊँची भूमि, 7% मध्यम ऊँची भूमि, 15% मध्यम भूमि, 12% नीची भूमि, 21% चौर एवं 15% दियार क्षेत्र है.
छपरा में भारत का सबसे बड़ा डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है. गांधी चौक से नागपालिका चौक के 3.5 किमी लंबी डबल डेकर फ्लाईओवर,411.31 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है, सांता क्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड में 1.8 किमी डबल-डेकर फ्लाईओवर से अधिक है.
# सारण में कितने फैक्ट्री हैं?
1रेल पहिया कारखाना, बेला, दरियापुर
2डीजल रेल इंजन लोकोमोटिव कारखाना, मढ़ौरा
3सारण इंजीनियरिंग, मढ़ौरा
4सारणडिटेलरी, मढ़ौरा
5चीनी मिल, मढ़ौरा
6मोटर्न मिल, मढ़ौरा
7रेल कोच फैक्ट्री, सोनपुर
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