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Aaptak.net:माहवारी अनियमित होने के कारण और लक्षण

                                                                    

》》डॉ सुमन श्रीवास्तव स्त्री रोग विशेषज्ञ का कहना है कि पीरियड्स से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां होना आम बात है। 
                                                                          

यह परेशानियां आमतौर पर हार्मोनल इम्बैलेंस यानि हार्मोन असंतुलन का संकेत होती हैं। एक सही मासिक चक्र लगभग 28 दिनों का होता है, जिन महिलाओं या किशोरियों को 29वें दिन पर पीरियड्स या मासिक धर्म हो जाते हैं, तो उनका मासिक चक्र एकदम सही होता है। लेकिन अगर आपको 21 दिनों में या उससे पहले मासिक धर्म शुरू हो जाते हैं और आपकी माहवारी 8 दिनों से अधिक समय तक रहती है, तो आप अनियमित मासिक धर्म की समस्या से ग्रस्त हैं। यहां जानिए पीरियड्स को रेगुलर करने के कुछ घरेलू तरीकों के बारे में। 
                                                                          

 अनियमित माहवारी के कारण?(Causes of Irregular Periods)
करीब 35 प्रतिशत महिलाओं को अनियमित माहवारी की समस्या होती है, यह आम है। हां, कुछ अननेचुरल सा लगे या साइकिल में देरी कुछ ज्यादा ही बढ़ जाए, तो यह‘अलार्मिंग’हो सकता है। उस स्थिति में डाॅक्टर से संपर्क करना ही बेहतर विकल्प है। 
                                                                          

वैसे तो अनियमित माहवारी के कई कारण हो सकते हैं, जो कई बार बहुत गंभीर भी नहीं होते। लेकिन देखा गया है कि यह अनियमित माहवारी की परेशानी अक्सर किशोरावस्था में लड़कियों को ज्यादा होती है, जिनमें मासिक धर्म की बस शुरुआत ही हुई हो। अनियमित माहवारी के कई सामान्य कारण हो सकते हैं!
                                                                          

  अनियमित मासिक धर्म के लक्षण(Irregular Periods Symptoms)
  अनियमित पीरियड्स की पहली पहचान है- यूटेरस में दर्द होना, कमर, पैर-हाथ और स्तनों में दर्द होना, भूख कम लगना, थकान महसूस होना, कब्ज आदि। यूट्रस में ब्लड क्लॉट्स का बनना भी इसी का एक लक्षण है।
अनियमित माहवारी का आयुर्वेद में इलाज 
आयुर्वेद की मानें तो महिलाएं अपने खान-पान और जीवनशैली में कुछ बदलाव करके इस समस्या से निजात पा सकती हैं, जैसे-
$माहवारी के दौरान खट्टे और गरिष्ठ भोजन (जो खाना पचाने में आसान ना हो) ना करें।  
$बहुत ज्यादा मसालेदार चीजें ना खाएं।
$चाय, काॅफी और ठंडे पेय के सेवन से बचें। 
$घरेलू उपचार के तौर पर, एक कप पानी में 1 चम्मच धनिया के बीज और दाल चीनी पाउडर उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसमें आधा चम्मच बूरा (पीसी हुई चीनी) मिला लें। इस पानी को दिन में 2 बार पियें। इससे भी मासिक धर्म नियमित होने लगता है। 
$ पीरियड्स के दौरान शरीर को थकाने वाले कामों से बचना चाहिए।  
$खाने में देसी घी खाएं। कैसे खाना है? यह आप स्वयं तय कर लें। आप देसी घी दूध में डालकर ले सकते हैं, सब्जी में खा सकते हैं या फिर रोटी पर लगा कर खा सकते हैं। 
$सबसे जरूरी, शारीरिक सफाई का विशेष ख्याल रखें।
                   डॉ सुमन श्रीवास्तव (स्त्री रोग विशेषज्ञ) 
$ aaptak.net
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