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ऑल इंडिया रोटी बैंक के प्रमुख ट्रस्टी किशोर कांत तिवारी का देहांत हो गया! रोटी बैंक का यही है सपना कोई भूखा सोए ना अपना!

                                    
संवाददाता एस के सोनू
हमारे संवाददाता को ऑल इंडिया रोटी बैंक छपरा के सदस्यों से यह जानकारी मिली।
आल इंडिया रोटी बैंक के प्रमुख ट्रस्टी के रूप में कार्य करते हुए किशोरकांत तिवारी के जीवन का मुख्य उद्देश्य यही था कि रोटी बैंक का यही है सपना कोई भूखा सोए न अपना। प्रतिदिन 500 से 1000 गरीब व असहाय लोगों के बीच समाज के विभिन्न लोगों से सहयोग लेकर भोजन वितरीत करने वाले किशोरकांत तिवारी बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। गरीबों को ठिठुरती ठंड में कम्बल वितरण हो या भोजन वितरण इसके अलावा भी समाजसेवा के अन्य क्षेत्रों में भी किशोर अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करते थे। बेहद ही सरल व हंसमुख स्वभाव के किशोरकांत तिवारी समाज में काफी लोकप्रिय व्यक्ति थे। महिला हिंसा व महिला अधिकारों के लिए भी समय समय समय पर अपनी आवाज बुलंद करते थे। एक अच्छे गायक व एक अच्छे कवि के रूप में भी इनकी पहचान छोटी उम्र में ही बन चुकी थी। सामाजिक सरोकारों से जुड़ा हर व्यक्ति इनको व्यक्तिगत रुप से जानता था और इनके विनम्र स्वभाव का कायल था। दूसरों को सम्मान देने में सबसे आगे रहने वाले किशोर ने पिछले लाकडाउन में अकेले दम पर लाखों गरीबों को भोजन कराने में बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह किया। जिला प्रशासन व पुलिस के लोग भी इनसे सहयोग लेते रहे। इनके कार्य से प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री कार्यालय से इनको प्रशस्ती पत्र भी मिला था। विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मान प्राप्त किशोरकान्त तिवारी को कोरोना की शिकायत के बाद हम सबने बचाने का हर सम्भव प्रयास किया किन्तु लचर व्यवस्था के आगे सभी नतमस्तक हो गए। न वेटिंलेटर मिला, न समुचित ईलाज। रेमिडिसिविर इंजेक्शन की एक शीशी 20000 में खरीदने के बावजूद आज किशोरकांत तिवारी हम सबके बीच नहीं है। इनके जाने से परिवार, मित्रों की अपूरणीय क्षति के साथ समाज और देश की भी अपूरणीय क्षति हुई। पूरी निष्ठा और मनोयोग से लाखों गरीबों का प्रतिदिन पेट भरने वाला दूसरा किशोरकांत तिवारी अब शायद ही समाज को मिले। जरूरतमंद इंसान के लिए एक आवाज पर खड़े रहने वाले किशोर का जाना मेरे लिए परिवार के किसी सदस्य के जाने के समान है। 

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