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सोनपुर रेल मजिस्ट्रेट कार्यालय के लिपिक रितेश पांडेय की कोरोना से मौत

                                   
=सोनपुर रेल मजिस्ट्रेट कार्यालय के लिपिक रितेश पांडेय की कोरोना से मौत
=लिपिक की मौत से कार्यालय कर्मियों में मायूसी, लगातार न्यायालय कर्मियों की हो रही मौत से हड़कंप
=व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संगठन ने मृतक कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी देने की मांग की
-संजय भारद्वाज-
ब्यूरो प्रमुख।छपरा
सोनपुर रेल मजिस्ट्रेट न्यायालय के कर्मी रितेश कुमार पांडेय की मौत कोविड-19 की वजह से हो गयी। वे काफी मिलनसार और हंसमुख प्रवृति के कर्मी थे। साथ ही कार्य के प्रति उनकी इमानदारी देख अफसर भी काफी खुश रहते थे। रितेश की मौत से पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया है। कर्मियों का कहना है कि रितेश की कमीं उन्हें हमेशा खलेगी। रितेश की कार्य करने की शैली की सभी प्रशंसा करते हुए भावुक हो उठते हैं। उधर परिवार में तो मानों कहर ही बरप गया है। व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश्वर तिवारी ने गहरा दुख एवं शोक प्रकट करते हुए माननीय मुख्य न्यायधीश उच्च न्यायालय पटना को पत्र लिखकर व्यवहार न्यायालय कर्मचारी को फ्रंटलाइन कोरोना योद्धा मानते हए आश्रित को विशेष परिवारिक पेंशन एवं अनुकम्पा के अधार पर नौकरी देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस कोरोना काल में लगातार कर्मचारियों का देहान्त हो रहा है। जिनमें बहुत से युवा वर्ग के कर्मचारी है।  इनमें रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी सोनपुर के कार्यालय सहायक  रितेश पांडेय जिनकी नियुक्ति 2013 में हुई थी। वहीं राज्य के कैमुर भभुआ के नवेनदु कुमार जिनकी नियुक्ति 2005 में हुई थी, पूर्णिया के संपूरणानंद की नियुक्ति 2018 में हुई थी के अलावे रौशन कुमार छपरा, पटना के श्रवण कुमार बेगुसराय ,आरा के मिथलेश जी मुजफ्फरपुर एव अन्य जिला के कर्मचारी का देहान्त हो गया है। इस लॉकडाउन मे भी फिजकल मोड मे कर्मचारी रिमांड रिलिज जैसे आवश्यक कार्य का निसपादन कर रहे हैं। ऐसे में मृत कर्मियों को लेकर राज्य सरकार व माननीय न्यायालय को जरूर सोचना चाहिए।

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