Header Ads

aap tak net:ट्रांसफर अधिसूचना जारी होने के साथ महिला व दिव्यांग शिक्षकों के चेहरे खिले, सरकार व विभाग को कहा थैंक्यूशिक्षिकाएं बोली








                                   
# ट्रांसफर अधिसूचना जारी होने के साथ महिला व दिव्यांग शिक्षकों के चेहरे खिले, सरकार व विभाग को कहा थैंक्यू
                                
# शिक्षिकाएं बोली-लंबे इंतजार के बाद उन्हें अपने गृह प्रखंड व जिले में जाने का मिलेगा मौका, स्कूलों का चयन शुरू
 # कई शिक्षक संगठनों ने ट्रांसफर नियमावली के गड़बड़ नीति को लेकर उठाए सवाल, कहा कई खामियां हैं नियमावली में
संजय भारद्वाज ब्यूरो प्रमुख बिहार
                                  
नियोजित शिक्षकों को लेकर सरकार व विभाग द्वारा जारी की गई ट्रांसफर अधिसूचना से सबसे अधिक महिला व दिव्यांग शिक्षकों में खुशी है। उनके चेहरे पर अपने गृह जिला व प्रखंड में आने की प्रक्रिया से संबंधित मुस्कान आसानी से देखी जा सकती है। महिला शिक्षकों का कहना है कि उनकी कई सालों की मांग सरकार व विभाग ने मान ली है, सरकार को चाहिए कि जितना जल्दी हो सके हमें गृह प्रखंड व गृह जिला में भेज दे। नीतीश सरकार इसके लिए धन्यवाद की पात्र है, जिसने महिला शिक्षकों की समस्याओं को महसूस किया।
#-विभाग ने शर्तें की है निर्धारित
                               
शिक्षा विभाग ने अधिसूचना में ट्रांसफर से जुड़ी सारी शर्तें और अन्यस जानकारी देते हुए बताया है कि जो भी नियोजित शिक्षक या शिक्षिकाएं ट्रांसफर चाहते हैं, उनके लिए क्या शर्तें होंगी और उन्हें इसके लिए क्या योग्यताएं पूरी करनी होंगी, इन्हेंा पूरा करने के बाद ही उनका तबादला किया जाएगा।
# इन्हें मिलेगा इसका लाभ
अधिसूचना के अनुसार, ट्रांसफर का लाभ पहली कक्षा से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय में काम कर रहे नियोजित शिक्षक, शिक्षिकाओं और पुस्तकालय अध्यक्ष को मिलेगा। इसके अलावा जिन शिक्षकों ने तीन साल या उससे अधिक की नौकरी कर ली है, उन्हें भी ट्रांसफर का लाभ मिलेगा। निलंबित शिक्षकों और अनुशासनात्मक कार्रवाई का दंश झेल रहे शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। यानी उनके लिए यह निराशाजनक खबर है।
# प्रमाणपत्र सही है तो नो टेंशन
यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि नियोजित शिक्षकों में जिनके प्रमाणपत्र सही हैं या किसी तरह की जांच में कोई खामी नहीं पाई गई है, उन्हें ही ट्रांसफर का लाभ मिलेगा। दरअसल, जिले में सैकड़ों की संख्या में ऐसे नियोजित शिक्षक हैं, जिनका फोल्डर गायब पाया गया है। ऐसे में उन्हें ट्रांसफर का लाभ नहीं मिलेगा। अभी निगरानी लगातार जांच कर रही है। हाईकोर्ट की भी इसपर निगाह टिकी है।
# पूरी नौकरी में एक बार ट्रांसफर का लाभ
दिव्यांग महिला, पुरुष और पुस्तकालय अध्यक्ष को ट्रांसफर का लाभ मिलना तय है। शिक्षक और शिक्षिका को पूरी नौकरी में एक बार ही ट्रांसफर का लाभ मिलेगा। पुरुष शिक्षकों के मामले में एक बार ही ट्रांसफर का लाभ मिलेगा, लेकिन ये पारस्परिक स्थानांतरण के आधार पर होगा। ट्रांसफर के लिए शिक्षा विभाग एक वेब पोर्टल तैयार करेगा और इसके जरिए ट्रांसफर का रास्ता स्पष्ट होगा।
# शिक्षक नेताओं ने कहा नियमावली में है कई खामी
बिहार सरकार द्वारा जो शिक्षकों का स्थानांतरण नियमावली जारी की गई है इसके संबंध में प्राथमिक शिक्षक संघ सदर के सचिव सुरेंद्र सिंह का कहना है कि शिक्षक स्थानांतरण नियमावली शिक्षकों के लिए बहुत जटिल है । स्थानांतरण से पूर्व विभाग रिक्तियों का आकलन करेगी। ये रिक्तियाँ वर्तमान नियोजन प्रक्रिया में से नहीं होगी । कुल मिलाकर आज की तिथि में रिक्तियाँ शून्य है। इसके लिए पद सृजन की कार्रवाई करनी होगी जो एक जटिल एवं लम्बी प्रक्रिया है। नियमावली में लिखा गया है कि माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित शिक्षकों के प्रमाण पत्र जाँच में क्लीन चिट मिलने पर ही शिक्षक स्थानांतरण के पात्र होंगे। वर्तमान में एक लाख से अधिक शिक्षकों के फोल्डर निगरानी को उपलब्ध ही नहीं हुए हैं । किन शिक्षकों का प्रमाण पत्र जांच हुआ है किनका नहीं हुआ है यह शिक्षक कैसे पता करेंगे ।यदि प्रमाण पत्र की जांच नहीं हुई है तो इसमें शिक्षक कहां दोषी है । प्रमाण पत्र जांच में यदि कई साल लग जाएंगे तो क्या स्थानांतरण नहीं होगा। नए नियम के तहत दिव्यांग कैटगरी का लाभ केवल वही उठा पाएंगे जिनकी बहाली दिव्यांग कोटि में हुई हो । इस नियम के कारण सेवा के दौरान हुई अपंगता से दिव्यांग हुए शिक्षकों को कोई लाभ नहीं होगा।किसी भी विभागीय कार्रवाई के अधीन अथवा कतिपय कारणों से अप्रशिक्षित रह गए शिक्षक स्थानांतरण के पात्र नहीं होंगे। किसी भी शिक्षक को अपने इच्छा अनुसार ट्रांसफर नहीं होगा। कुछ शिक्षकों का ट्रांसफर हो सकता है लेकिन अपने इच्छा अनुसार नहीं होगा। कुल मिलाकर देखा जाए तो नया नियमावली में शिक्षकों के हित में नहीं है। ऐसे में स्थानांतरण नियमावली में सुधार करके इसको फिर से लाया जाए जिससे शिक्षक अपना स्थानांतरण आसानी से करा सके ।

No comments