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aap tak.net:सारण के 80 हजार मैट्रिक परीक्षार्थियों को ऑनलाईन उपलब्ध करायी जाएगी शिक्षण सामग्री, विभाग ने कसी कमर

                                      कोविड के कारण मैट्रिक परीक्षार्थियों की बाधित हुई पढाई को ले शिक्षा विभाग टेंसन में, ऑनलाईन क्रैस कोर्स कराने व टेस्ट लेने की बनी कार्य योजना
एक जुलाई से कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने की हुई तैयारी, जिले के चुनिंदा शिक्षकों के साथ बैठक कर लिए गए कई अहम निर्णय
                                  
S K SONU 
साल 2022 की मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले जिले के 80 हजार परीक्षार्थियों की पढाई को ले शिक्षा विभाग टेंसन में पड़ गया है। अधिकारियों को इस बात को लेकर टेंसन है कि कोविड के कारण परीक्षार्थियों का कोर्स नहीं पूरा हो पा रहा है। पढ़ाई भी बाधित है। ऐसे में निश्चित है कि परिणाम भी बेहतर सारण के लिए नहीं होंगे। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए डीएम सारण व डीईओ के निर्देश पर डीपीओ समग्र शिक्षा ने एक कार्य योजना तैयार की है। एक जुलाई से मैट्रिक में नामांकित बच्चों के ह्वाट्स एप पर शिक्षण सामग्री भेजे जाएंगे। डीपीओ राजन कुमार गिरि ने बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की।
# ये तैयार हुई कार्ययोजना
वर्ग 10 के बच्चों के लिए प्रत्येक विषय का चैप्टरवाइज लिखित एवं ऑडियो-विजुअल कॉन्टेंट तैयार किया जाएगा, जिसमें विषयनिष्ठ एवं वस्तुनिष्ठ दोनों ही तरह के प्रश्नोत्तर होंगे। शिक्षकों द्वारा तैयार शैक्षणिक सामग्री को ह्वाट्स एप के माध्यम से सभी स्कूलों में हेडमास्टरों को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्कूलों के हेडमास्टरों की जवाबदेही होगी कि वे अपने स्कूल के वर्ग दस के छात्र एवं छात्राओं का अलग-अलग समूह तैयार करेंगे। इसे 28 जून तक डीपीओ कार्यालय को भी उपलब्ध कराए। जिला स्तर से शैक्षणिक सामग्री के निर्माण के बाद इसे हेडमास्टरों के ह्वाट्सएप ग्रुप में भेजा जाएगा। फिर बच्चों तक पहुंचाया जाएगा। हेडमास्टरों का दायित्व होगा कि सभी विषयों के शिक्षण सामग्री को एक ही दिन में बच्चों को भेजेंगे।  या फिर सप्ताह के दिनों में एक-एक कर भेजेंगे। मैसेज ग्रुप में विद्यालयों के शिक्षकों को भी रखा जाएगा। उन्नयन बिहार के तहत चयनित शिक्षक इसमें मार्गदर्शन् करेंगे। इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक नोडल शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। नोडल शिक्षकों की सूची अलग से उपलब्ध करायी जाएगी। सूची में नामित नोडल शिक्षक का दायित्व होगा कि अपने प्रखंडाधीन स्कूलों को अनुसरण करेंगे। शिक्षण सामग्री बच्चों तक पहुंच रहा है नहीं इस पर निगाह रखेंगे। इसके अलावा गूगल शीट के माध्यम से बच्चों का ऑनलाइन परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा प्रत्येक विषय के लिए चैप्टरवाइज होगा। यह योजना 01 जुलाई 2021 से प्रारंभ होने की संभावना है। इसके पहले हेडमास्टर अपने स्कूलों के बच्चों का छात्र व छात्रा समूह के तहत अलग-अलग ह्वाट्स ग्रूप बना लेंगे।
# बैठक में ये हुए शामिल
बैठक में जिले के हाई व प्लस टू स्कूलों के चुनिंदा शिक्षकों में मनोज कुमार, नसीम अख्तर, चंचला तिवारी, राजीव रंजन, सच्चिदानंद सिंह, विकास कुमार, बिनोद कुमार ठाकुर, रणधीर कुमार गिरि, राकेश कुमार, उमेश कुमार सिंह, रमेश कुमार ओझा, रंजन कुमार, बैजनाथ तिवारी, अजित कुमार उपाध्याय के अलावे समग्र शिक्षा अभियान के संभाग प्रभारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।

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