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aaptak.net: जांच के दायरे में आए राज्य के नियोजित शिक्षकों को राहत, मेधासूची नहीं है तो भी हो सकेगा कागजातों की अपलोडिंग

                                  
# अब नियोजन इकाइयों को मेधासूची हर हाल में उपलब्ध कराना होगा, अन्यथा ये भी आएंगे विजिलेंस के लपेटे में
# शिक्षक संगठन नियोजित शिक्षकों के बचाव में उतरे, कहा-सरकार को मनमानी नहीं करने दी जाएगी
                                   
संजय भारद्वाज ब्यूरो प्रमुख बिहार
जांच के दायरे में आए नियोजित शिक्षकों को कागजात अपलोडिंग में बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार व विभाग ने मेधा सूची अपलोड करने को लेकर दिए गए अपने निर्देश में एक विकल्प दे दिया है कि यदि मेधा सूची हो तो उपलोड करें, नहीं हो तो अन्य मांगे गए कागजात अपलोड करें। इससे जांच के दायरे में आए सारण समेत पूरे राज्य भर के 10 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। क्योंकि शिक्षकों में इस बात को लेकर उहापोह थी कि आखिर वे कहां से मेधासूची लाएंगे। मेधा सूची तो नियोजन इकाईयों के पास रहती है। मालूम हो कि वैसे नियोजित शिक्षक जिनका कागजात विजिलेंस को नहीं मिला है उनका नाम शिक्षा विभाग ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है। साथ ही कागजातों को जमा करने के लिए वेबसाइट पर रजिस्ट्रेंशन भी शुरू हो गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि जिनका नाम शिक्षा विभाग के वेबसाइट पर अपलोड किया गया है उनका पंजीयन से प्रारंभ हो गया है वैसे शिक्षक जिनका वेबसाइट पर  नाम है केवल वही अपना पंजीयन कराएंगे। 
                                   
-रजिस्ट्रेशन में देने होंगे ये कागजात
पंजीयन कराने के लिए जिन कागजातों की  आवश्यकता है उनमें  01 नंबर में नियुक्तितिथि 02-यूएनए नंबर यानि ईपीएफओ, 03- शिक्षक का नाम, 04-पिता या पति का नाम, 05-जन्मतिथि, 06-लिंग, 07- मोबाइल नंबर, 08-आधार नंबर, 09-जिला का नाम, 10-प्रखंड का नाम, 11-पंचायत का नाम, 12-विद्यालय का यूडाइस कोड,  13:- ईमेल आईडी तथा पासवर्ड देना है। सफलतापूर्वक पंजीयन होने के उपरांत एक आईडी एवं पासवर्ड मिलेगा, उसी आईडी पासवर्ड से लॉगिन करने के पश्चात सभी प्रमाण पत्र, फोटो एवं सिग्नेचर अपलोड किए जाएंगे। 
-डरने की कोई जरूरत नहीं, मेधा सूची को टेंशन भी नहीं लेना
                                  
कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने नियोजित शिक्षकों को ढाढस बढाते हुए कहा कि जिनका निगरानी को प्रमाण पत्र अप्राप्त था है तथा जिसकी सूची शिक्षा विभाग के वेबसाइट पर अपलोड की गई है उससे किसी प्रकार से प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षकों को मेघा सूची अपलोड करने की बाध्यता से मुक्त करने के लिए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा जी के द्वारा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से अनुरोध किया गया है। इसका निदान भी हो गया है। अब विकल्प दे दिया गया है। उधर परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष समरेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों के हित के लिए लगातार राज्य मुख्यालय से वार्ता चल रही थी। संघ के प्रदेश स्तर के नेता लगातार अधिकारियों से बात कर रहे थे। नतीजा यह हुआ कि आज शिक्षकों को कई समस्याओं से राहत मिली है।
                                     
-अपलोडिंग में ये आ रहीं समस्याएं
नियोजित शिक्षकों को शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपना प्रमाण पत्र अपलोड करने में भिन्न-भिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मसलन जिन शिक्षकों का यूएएन नंबर नॉट फाउंड बता रहा है उन्हें अपना यूएन नंबर मे केवाईसी अपडेट करना होगा, पंजीयन के पश्चात सेकंड स्टेप में शिक्षक से संबंधित सूचना अंकित की जानी है जैसे मेधा क्रमांक मांगा जा रहा है यदि शिक्षकों के पास मेधा सूची उपलब्ध है तो वह अपना मेधा क्रमांक भर दें अन्यथा शून्य भर दे, कुछ शिक्षकों के साथ ऐसी समस्या उत्पन्न हो रही है कि उनका नियोजन किसी और विद्यालय में हुआ था बाद में उनका स्थानांतरण होकर वर्तमान में किसी दूसरे विद्यालय में कार्यरत हैं ऐसी स्थिति में किस विद्यालय के नाम पर सूची अपलोड की जाएगी इसमें भी स्पष्ट है कि आपका नाम विभाग के वेबसाइट पर जिस विद्यालय में प्रदर्शित हो रहा है उसी विद्यालय के नाम तथा यू डाइस कोड का उपयोग करेंगे जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। वहीं इनको शॉर्ट आउट करने वाला भी प्रतिनियुक्त नहीं किया गया है।
-क्या कहते हैं डीपीओ
जो निर्देश प्राप्त हैं, उसी अनुसार काम हो रहा है। शिक्षकों से जो भी जानकारियां मांगी गयी है, उसे वे अवश्य भरें। यदि किसी तरह की परेशानी हो रही है तो उचित माध्यम से मुझ तक पहुंचाएं ताकि मदद की जा सके।
सुनील कुमार गुप्ता, डीपीओ, स्थापना, सारण

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